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आजोबांना वाढदिवसाच्या शुभेच्छा देणारे पत्र लिहा

आजोबांना वाढदिवसाच्या शुभेच्छा देणारे पत्र लिहा, मम्मी की चीख इस बार उतनी तेज़ नहीं थी। डैडी ने एक के बाद एक तीन थप्पड़ मम्मी के चूतड़ों पर टिका दिये। इस बार मम्मी में--शमा में कोई देवता नही हूँ....में बस तेरा भाई हूँ...महादेव सब के दुख दूर करते है....सब की फरियाद वो पूरी करते है....बस अब तुम्हारे दुख के दिन ख़तम हुए और खुशी के दिन शुरू हो गये है....

उसके बाद में फोन अपनी जीन्स में डालकर एक छोटे से ट्रॅवेल बेग में कुछ ज़रूरी सामान भर लेता हूँ....और मम्मी से कहता हूँ जुगल किशोर अंकल की दुकान से कोई आएगा उन्हे वो बॉक्स दे देना.... पॅंच छेदि मल्लाह ने अपने तंबाखू से सड़े हुए दाँत निकाले और बोला,ठकुराइन ने कहा है कि हमरे गाओं की कमला की इज़्ज़त से भी खिलवाड़ किए हैं ये चारों……सरपंच महाराजा की आग्या हो तो कमला को भी बुलवाई लिया जाए.

थोड़ी देर बाद पुजारन देवसेना ने मुझसे कहा महाराज इस पूजा के नियम आप को समझाना चाहती हु इस पूजा में आप को मेरे शरीर को अपने हाथ से स्पर्श नहीं करना होगा बाकी आप जो चाहे कर सकते हैं। आजोबांना वाढदिवसाच्या शुभेच्छा देणारे पत्र लिहा किसी हाई क्वालिटी अंग्रेज गोरी के लुक वाली इस अनिद्ध सुन्दरी की बिल्लौरी आँखे एकदम गहरे हरे रंग की थी । जो संभवतः उसके बाप मनदीप की गहरी भूरी आँखों पर गयी थी । जबकि राजवीर की आँखें काली ही थी

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  1. में अब उनकी जाँघो पर बैठा था और उनके कंधे दबाए जा रहा था मम्मी के बूब्स की निपल मुझे नाइटी में से मुझे बिल्कुल कड़ी हुई नज़र आ रही थी रूही अभी भी मम्मी के हाथ दबाए जा रही थी.
  2. मैने चाची को अपने बाहो में भरते हुए....आप क्यो सोई थी पापा के साथ....में ये सच जाने बिना आपको कहीं नही जाने दूँगा... सेक्सी बीएफ फुल एचडी में हिंदी
  3. अंदर आते ही जय भैया ने जल्दी से सोने का नाटक किया , ये बोलकर कि वो काफ़ी थक गये है, ये उनका तरीका था मुझे भी जल्दी सुलाने का ताकि बाद मे वो पायल दी के साथ मस्ती कर सके.. पर मैं भी उनकी प्लानिंग को अच्छे से जानता था, इसलिए मैं सोया नही… बस आँखे बंद करके लेट गया.. जय और शीतल ने जब ये ब्लू फिल्में देखना शुरू किया तब इस सब के बिलकुल विपरीत विराज और शालू की आँखों से नींद गायब थी और वो एक रात बिस्तर पर पड़े पड़े अपने नीरस काम-जीवन पर चर्चा कर रहे थे। वही पुराना घिसा-पिटा चुदाई का खेल खेलने में अब उन्हें कोई रूचि नहीं रह गई थी।
  4. आजोबांना वाढदिवसाच्या शुभेच्छा देणारे पत्र लिहा...उनमें से एक लड़के ने डॉयलॉग मारा, हाय तब़स्सुम़ मैडम जी... मार लो थप्पड़ भी मार लो... हमें आपके थप्पड़ से डर नहीं लगता... आपकी सैक्सी अदाओं से लगता है! और सब हंसने लगे और मुझे भी उसकी बात पे ज़ोर से हंस पड़ी। भाभी की ये बात सुनकर में बगले झाकने लगा ....आख़िर कहा भी तो सही था उन्होने....पढ़ाई की माँ बहन हो रखी थी इतने टाइम से....और मैं पढ़ाई का ग्यान शमा को दे रहा था...
  5. भाभी ने वो पतासी मेरे मूह की तरफ़ बढ़ा दी मेने अपना पूरा मूह खोल दिया भाभी की सॉफ्ट सॉफ्ट उंगलिया मेरे होंठो से लगती हुई ...मेरी जीभ से टच होने लगी. वो दोनो आपस में जिस भाषा में बात कर रहे थे वो एक आदिवासी भाषा थी जो नोर्मली बांसवाड़ा और डूंगरपुर आँचल के लोग बोला करते थे इस भाषा को बागड़ी कहा जाता है जोकि मुझे समझ में नही आती...

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के साथ मिल कर चोदूंगा, भेन की लौड़ी, तुझे तो तेरी माँ के सामने चोद चोद कर तेरी चूत का भोंसड़ा बना दूँगा, तेरी मां दी फ़ुद्दी... हाय क्या गाण्ड है तेरी तो साली, तुझे तो कॉल गर्ल होना चाहिये था छिनाल !

15 मिनट बाद जब वो शीतल के रूप में बैडरूम में पहुंची तो समीर और सोनिया डॉगी स्टाइल में चुदाई कर रहे थे और दोनों के चेहरे दरवाज़े की और ही थे। वो मुझे देखते ही उठ के मेरे पास आकर खड़ी हो जाती है और एक टक मुझे बस घुरे ही जा रही थी...और तभी वो मेरे सीने पर मुक्के बरसाते हुए रोने लग जाती और मेरे सीने से लगते हुए कहने लगती है...

आजोबांना वाढदिवसाच्या शुभेच्छा देणारे पत्र लिहा,वो डबलरोटी के बन की तरह फूले और आपस में चिपके दो चिकने भगोष्ठ, उनके बीच से बाहर झांकती छोटी सी भगनासा (क्लिट)। उसके नीचे से निकलती पानी की धार… हाँ वो पीली बिल्कुल नहीं थी। बिल्कुल पानी की तरह साफ पेशाब की धार जो सीधा कमोड में गिर रही थी।

में--मम्मी लेकिन यहाँ सभी जानते है कि नीरा मेरी बहन है....और कोई नीरा की तरफ उंगली भी उठाए तो मुझ से बर्दाश्त नही होता....

ज़य भैया उठ जाओ शाम के 4 बज गये है कब तक सोते रहोगे ये आवाज़ में लाखो लोगो की भीड़ में भी पहचान सकता हूँ ये नीरा की आवाज़ थी...सेक्सी वीडियो राजस्थानी ओपन

शीतल- क्या बात कर रहे हो आप भी। ये इतना झीना कुरता वो भी ये चिंदी जैसे कपड़ों के ऊपर। नहीं नहीं… ये पहन के मैं बाहर नहीं जा सकती। मुझे तो लगा था आपने ये इसलिए दिलवाया है कि अगर ज़्यादा गर्मी पड़ी तो रात को पहन के सोने के काम आएगा। काजल ने भी शायद ऐसा ब्रूटल तरीका नही सोचा था अपनी चूत की सील तुड़वाने का, उसकी चूत मे उसके भाई का लंड एक ही बार मे पूरा का पूरा घुस चुका था.

मैने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और भाभी की आवाज़ भी लगातार बढ़ती ही जा रही थी....और फिर वो हुआ जो हर जोड़ा चाहता है....मेरा लंड लगातार नेहा की चूत भरता जा रहा था और नेहा भी दूसरी बार झड गयी अपना शरीर आकड़ाते हुए....

उसने भी अपनी शॉर्ट्स को उतार दिया और नंगी हो गयी बेचारा जय, उसे पता होता कि वहाँ क्या चल रहा है तो उसके तो होश ही उड़ जाते.,आजोबांना वाढदिवसाच्या शुभेच्छा देणारे पत्र लिहा काफी देर बाद अजय उठा। उसने ब्रीफ और बनियान पहन ली और बेड पर निढाल होकर पड़ गया।मैं वैसे ही पड़ा रहा और उसी मुद्रा में मुझे नींद आ गई। सुबह जब नींद खुली तो अजय गाढ़ी नींद में था। मैं अपनी स्थिति देखकर और रात के घटनाक्रम को याद करके मुश्कुरा उठा और वैसे ही बाथरूम में घुस गया।

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